गोंदिया : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से गौवंश को बूचड़खाने ले जाने की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पुलिस से बचते बचाते चौपहिया वाहनों के जरिये गौवंश तस्कर रात के अंधेरे में गोवंश का अवैध परिवहन कर उन्हें बूचड़खाने ले जा रहे हैं. सालेकसा थाने के तहत ग्राम कवड़ी गांव में दो पिकअप वाहनों में ठूंस-ठूंसकर निर्दयतापूर्वक भरे गए 56 गौवंश को तस्करों के चंगुल मुक्त कराया है. पुलिस ने 56 गौवंश व दो वाहनों सहित कुल 11 लाख 68 हजार रु. का माल जब्त किया है.
जानकारी के अनुसार सालेकसा थाने के तहत कवड़ी गांव गोवंश तस्करी का गढ़ बन गया है. 16 दिसंबर की देर रात लगभग 1.30 बजे के आसपास सिपाही रामप्रसाद मेंढके अपनी टीम के साथ गश्त पर थे. इसी दौरान जानकारी मिली कि कवड़ी के जंगल परिसर में पिकअप वाहन क्र. एमएच 36 – एए 3498 व एमएच 40 – सीडी 4906 में 34 गौवंश को ठूंस ठूंसकर भरकर रखा गया है. जिन्हें बूचड़खाने ले जाया जा रहा है. जानकारी मिलते ही सिपाही मेंढके अपनी टीम के साथ जंगल परिसर में गए और पिकअप वाहनों में निर्दयतापूर्वक बंधे गोवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया. इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 लाख रु. के दो वाहन व 1 लाख 68 हजार रु. के 56 मवेशियां ऐसा कुल 11 लाख 68 हजार रु. का माल जब्त किया है. सालेकसा पुलिस ने भंडारा जिले के सिल्ली निवासी आरोपी आकाश श्रीराम गायधने (24), मारोती कवडू गभणे (26) व सालेकसा के पानगांव निवासी विजय मांगीलाल पटिले (36) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा, पुलिस उपविभागीय अधिकारी प्रमोद मडामे के निर्देश व पुलिस निरीक्षक भुषण बुराडे के मार्गदर्शन में हवलदार डोंगरे, सिपाही अजय इंगले, विकास वेदक, रामप्रसाद मेंढके ने की.





