गोंदिया : गोंदिया-भंडारा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. प्रशांत यादवरावजी पडोळे ने नई दिल्ली में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने क्षेत्र में डिजिटल अधोसंरचना को मजबूत करने हेतु बहुआयामी प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा, डिजिटल सेवाएं और रोजगार के सशक्त अवसर प्राप्त हो सकें।
डॉ. पडोळे ने कहा कि गोंदिया-भंडारा जैसे आदिवासी, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र में डिजिटल प्रगति आज केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने माननीय मंत्री जी से हर ग्राम पंचायत स्तर पर नवीन CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) की स्थापना तथा पूर्व-स्थित केंद्रों का तकनीकी सशक्तिकरण। डिजिटल स्किल डेवलपमेंट सेंटरों की स्थापना, जहाँ युवाओं को कोडिंग, साइबर सुरक्षा, डाटा एंट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कौशलों में प्रशिक्षित किया जा सके। “डिजिटल विलेज” मॉडल के अंतर्गत चयनित गांवों का समावेश, जिससे ग्रामीण भारत का डिजिटलीकरण तेज गति से संभव हो। स्थानीय स्टार्टअप्स व नवाचारियों के लिए IT हब/इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना, जिससे युवा उद्यमियों को सशक्त मंच मिल सके। BharatNet परियोजना के अंतर्गत इंटरनेट कनेक्टिविटी का त्वरित विस्तार, ताकि दूरस्थ अंचलों में भी डिजिटल सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हों, ऐसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल है। डॉ. पडोळे ने यह भी कहा कि “डिजिटल इंडिया” महाअभियान की असली सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब देश के अंतिम व्यक्ति तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो। गोंदिया-भंडारा जैसे क्षेत्र डिजिटल रूपांतरण के लिए तैयार हैं, आवश्यकता है तो बस केंद्र सरकार के ठोस सहयोग की। माननीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जी ने सांसद द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को सहानुभूति पूर्वक सुना और हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। यह भेंट न केवल एक सांसद की दूरदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि गोंदिया-भंडारा क्षेत्र को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।





