Monday, April 13, 2026
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‘ऑपरेशन जीवनरक्षा’ के तहत आरक्षक ने बचाई यात्री की जान

गोंदिया : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, सुरक्षा बल आयुक्त दीपचंद्र आर्य नागपुर मंडल के नेतृत्व में यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाये जा रहे ‘ऑपरेशन जीवनरक्षा’ अभियान के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर एक सराहनीय उदाहरण सामने आया. 20 अगस्त को रेलवे सुरक्षा बल गोंदिया के आरक्षक ख्याली राम खोखर प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात थे. इसी दौरान गाड़ी क्र. 12130 आजाद हिंद एक्सप्रेस शाम 5.07 बजे प्लेटफार्म नंबर 03 पर आई और 5.10 बजे प्रस्थान करने लगी. उसी समय एक बुजुर्ग यात्री चलती गाड़ी में चढ़ने का प्रयास करते हुए असंतुलित होकर A-1 कोच के पास ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर घिसटने लगा. घटना की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक ख्याली राम खोखर ने अपनी सतर्कता, बहादुरी और त्वरित कार्यवाही का परिचय देते हुए दौड़कर उस यात्री को सुरक्षित बाहर खींच लिया और उसकी जान बचाई. तत्पश्चात ट्रेन मैनेजर ने गाड़ी को रोका. यात्री ने बताया कि वह चाय लेने नीचे उतरा था और गाड़ी छूटते समय जल्दबाजी में चढ़ने के प्रयास में गिर गया. सौभाग्य से आरक्षक की सूझबूझ से बड़ी दुर्घटना टल गई. यात्री को मामूली चोट आई और उसने अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई. गाड़ी को 5.13 बजे पुनः रवाना किया गया. यह पूरी घटना गोंदिया स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल के जवान हर परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा हेतु तत्पर रहते हैं. आरक्षक ख्याली राम खोखर द्वारा दिखाई गई बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्यवाही सराहनीय है और इससे पूरे मंडल का गौरव बढ़ा है.
मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपचन्द्र आर्य ने भी आरक्षक के इस साहसिक कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल रेल संपत्ति की सुरक्षा करता है बल्कि यात्रियों की जान की हिफाजत करना भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. आरक्षक ख्याली राम खोखर ने जिस साहस और समर्पण के साथ यात्री का जीवन बचाया है, वह सभी के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है. रेलवे सुरक्षा बल, नागपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा व सहायता के लिए सदैव तत्पर है और लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. साथ ही यात्रियों से अपील करता है कि आपका जीवन अमूल्य है, कृपया चलती गाड़ी में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, ऐसा करने से न केवल आपकी जान खतरे में पड़ती है बल्कि जीवन बचाने वाले कर्मियों को भी जोखिम उठाना पड़ सकता है.

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