Monday, April 20, 2026
spot_img

क्रीडा संकुल परिसर बना ‘बकरी पालन केंद्र’!

– जिला क्रीड़ा अधिकारी की अनदेखी 
– फैली गंदगी, सफाई की जवाबदारी किसकी?
मिदुप श्रीवास्तव
गोंदिया : शहर में स्थित जिला क्रीड़ा संकुल परिसर में संपूर्ण जिले से छोटे-बडे खिलाडी प्रतियोगिताओं में भाग लेने आते हैं. क्रीड़ा संकुल की जिम्मेदारी जिला क्रीड़ा अधिकारी के कंधों पर है. लेकिन, क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय से सटे परिसर का निरीक्षण किया गया तो अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ. यहां परिसर में स्थित होस्टल की सीढ़ियां चढ़ने पर उपर का भाग पुरी तरह गंदगी पटा हुआ दिखाई दिया. यह दृश्य देखकर लगा जैसे क्रीडा संकुल परिसर ‘बकरी पालन केंद्र’ तो नही? ऐसा सवाल निर्माण हुआ.
गोंदिया जिला आदिवासी बहुल व नक्षलग्रस्त होने की वजह से शासन की विशेष कृपा होती है. जिले के छोटे-छोटे गांव के बच्चों में खेल कूद के प्रति आकर्षण व जिज्ञासा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अनेक उपक्रम चलाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार द्वारा खेलो इंडिया के तहत नगर परिषद व जिला परिषद स्कूलों को दिए गए निर्देशों के आधार पर विविध खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया जाता है. इन स्पर्धाओ में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करनेवाले खिलाड़ियों को तहसील, जिला स्तरीय स्पर्धाओ में सहभाग लेने का मोका दिया जाता है. जिससे वे अपने अंदर की प्रतिभा दिखा सके और अपना भविष्य उज्ज्वल कर सके. इन स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए अच्छे कोच तथा ट्रेनिंग की जरूरत होती है. यह सरकार द्वारा निर्माण किए गए क्रीडा संकुलों में उपलब्ध कराई जाती है. लेकिन करोड़ो रु. खर्च करने के बाद भी अनेक सुविधाओं का अभाव दिखाई पड़ता है. कुछ ऐसा ही हाल गोंदिया स्थित जिला क्रीडा संकुल का भी है. यहां जिला क्रीड़ा अधिकारी के सहयोग से खिलाड़ियों को अनेक प्रकार के खेलों की ट्रेनिंग दी जा रही है. लेकिन, क्रीडा संकुल परिसर की ओर जिला प्रशासन व जिला क्रीडा समिती की ओर से अनदेखी हो रही है. जिसके कारण खिलाड़ियों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
उल्लेखनीय है कि जिला क्रिड़ा अधिकारी कार्यालय से सटे परिसर में अस्वच्छता नजर आई तथा उसी परिसर में स्थित हॉल की सीढ़ियों का उपर का भाग पुरी तरह से गंदगी से पटा हुआ नजर आया. हॉल के सामने का पोर्च जैसे किसी ने किराये में तो नहीं लिया? ऐसा सवाल किया जा रहा है. विशेष कर इस पोर्च का उपयोग कोई अपनी बकरी पालन के लिए तो नहीं कर रहा है ना?, ऐसा दिखाई दे रहा है. जिला क्रीड़ा अधिकारी को इस ओर ध्यान देकर परिसर में फैली गंदगी की साफ सफाई करवाने की आवश्यकता है.

समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की भी जवाबदारी…
क्रीडा संकुल की कार्यप्रणाली, व्यवस्था, प्रशिक्षण तथा स्वच्छता आदि काम करने के लिए जिला क्रीडा समिति की स्थापना की गई है. इस समिति के अध्यक्ष पालकमंत्री, उपाध्यक्ष जिलाधिकारी तथा सचिव के रुप में जिला क्रीड़ा अधिकारी है. जिला क्रीडा संकुल में अनेक प्रकार की असुविधाए है. जिनका सामना खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को करना पड़ रहा है. क्रीड़ा समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए इन परेशानियों की ओर ध्यान देकर इसे दूर करने की आवश्यकता है.

शौचालयों में गंदगी का आलम…
जिला क्रीडा संकुल में 14 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है. जो की वर्तमान में शुरू है. लेकिन संकुल परिसर में स्थित बॅडमिंटन हॉल के शौचालय की हालत बहुत ही दयनीय है. जहां हर जगह गंदगी का आलम दिखाई दे रहा है.

जल्द ही कराई जाएंगी सफाई…
क्रीडा संकुल के बैडमिंटन हॉल के शौचालय व बाथरूम में गंदगी है. वहीं कार्यालय के बाजू में भी गंदगी का आलम है. जिसकी जानकारी मिली है. जल्द ही साफ-सफाई की जाएगी. कुछ दिन पहले ही इसकी सफाई की गई थी.
– ए. बी. मरस्कोल्हे, जिला क्रीड़ा अधिकारी, गोंदिया

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

और पढ़ें

Most Popular