गोंदिया : सनातन धर्म में नवरात्रि को एक पावन पर्व माना गया है। यह पर्व देवी-पूजन के उत्सव के साथ ही शक्ति साधना और आत्मिक शुद्धि के लिए होता है। नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है, चैत्र, आषाढ़, आश्विन (शारदीय) और माघ। इनमें से शारदीय नवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है क्योंकि यह पर्व देवी दुर्गा की उपासना का महा महोत्सव माना गया है। शारदीय नवरात्रि पर भक्तजन नौ दिनों तक माता रानी के विविध स्वरूपों की आराधना कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। इसी नवरात्रि पर गोंदिया जिले के सुप्रसिध्द माँ मांडोदेवी देवस्थान तेढ़ा/बघेड़ा पर माँ का दरबार सजा हुआ है जहाँ प्रतिदिन हजारों भक्त मातारानी की उपासना के लिए अपनी हाजिरी लगा रहे है। मांडोदेवी देवस्थान के अध्यक्ष एवं गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि महोत्सव के दौरान अपनी मनोकामनाओं के लिए महिलाओं द्वारा सर्वाधिक 2 हजार 35 घटों की स्थापना की गई है। घट कलश की देखभाल के लिए विशेष समिति द्वारा देखरेख की जा रही है। माँ मांडोदेवी सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है जिससे यहां आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है।



