नागपुर की प्रादेशिक इकाई की टीम ने की कार्रवाई..
गोंदिया : तेंदुए की खाल बेचने का प्रयास कर रहे दो लोगों को राजस्व गुप्तचर निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर प्रादेशिक इकाई की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को देवरी तहसील के देवरी-पुराडा मार्ग पर स्थित ढिवरिनटोला (मड़ावीटोला) परिसर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम धनराज रामलाल उईके (35), निवासी ढिवरिनटोला, तहसील देवरी तथा नीलकंठ रामचंद्र पांढरे (37), निवासी श्रीरामनगर, तहसील सड़क अर्जुनी हैं। इनमें से धनराज उईके पूर्व उपसरपंच बताया जा रहा है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार से जुड़े मामलों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
गोंदिया वन विभाग की भूमिका पर सवाल?
तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यप्राणी है। उसकी खाल अपने पास रखना, उसकी खरीद-बिक्री करना या उसका अवैध व्यापार करना कानूनन अपराध है।
देवरी तहसील महाराष्ट्र के अंतिम छोर पर स्थित है और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से सटी हुई है। ऐसे में नागपुर की टीम द्वारा यह कार्रवाई किए जाने से स्थानीय गोंदिया वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या स्थानीय वन विभाग की टीम को इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी? यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस कार्रवाई के बाद ऐसे सवाल उठने लगे हैं।





