गोंदिया : काव्य रसिक संस्थान बिसवां उत्तर प्रदेश मुख्य शाखा के अध्यक्ष प्रख्यात कवि रामकुमार रसिक के कुशल संयोजन मे १४ मार्च को होली पर्व निमित्त आनलाईन इ- महामूर्ख कविसम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें देश के लगभग ३८ कवियों ने हास्य व्यंग्य के साथ अन्य विधा की कविताओं से होली को काव्यरस से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आशीष अक्स अनहद (मूर्खाधिराज) ने की। समस्त प्रतिभागी एक से बढ़कर एक कवि- कवयित्रियों में सर्वश्री इंदिरा पूनावाला पुणे महाराष्ट्र, शीला सुरेश गोदाम सिलवासा, शशि तिवारी गोंदिया महाराष्ट्र, आशीष अक्स अनहद गाजियाबाद, ऊषा सूद दिल्ली, डॉ. गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ कोरबा छत्तीसगढ़, वी. पी. जैन गाजियाबाद, नन्द किशोर बहुखंडी देहरादून, रजनी शर्मा “सुरु”, खालिद हुसैन सिद्दीकी लखनऊ, सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़ मुरादाबाद, डॉ. निशी मंजवानी, मीना सुरेश जैन ‘सुमीता’, श्रीमती रश्मि अग्रवाल, दयाराम दर्द, आलोक अग्निहोत्री, औरैया स्मिता शाह, रानी शर्मा धौलपुर , डाॅ. अम्बे कुमारी बोधगया बिहार, एड. सुनील श्रीवास्तव ‘बेचारा’ अमेठी उप्र, डॉ. शशि जायसवाल प्रयागराज, डाॅ. इंदु जैन इंदू इंदौर मध्यप्रदेश , डॉ. ज्योति कृष्ण पुणे महाराष्ट्र, शैलेंद्र कुमार अंबष्ट् वाराणसी, विनीता सिंह “आरुषि” ग्रेटर नोएडा वेस्ट, डॉ. कमलेश मलिक सोनीपत, डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” बिलासपुर छत्तीसगढ़, संध्या जैन महक भिलाई छत्तीसगढ़, डॉ. रामनिवास तिवारी आशुकवि निवाड़ी म.प्र., रामदेव शर्मा “राही”, छाता, मथुरा, उत्तरप्रदेश, प्रणव कुमार कुलश्रेष्ठ टूंडला फिरोजाबाद, मोहम्मद आजम कुरैशी बाड़ी सिधौली, जलेश्वरी वस्त्रकर जयराम नगर बिलासपुर, प्रो. (डॉ) शरद नारायण खरे मण्डला म.प्र., श्रीपति रस्तोगी लखनऊ, मीना कुमारी परिहार बिहार, सुनील मिश्र सागर रामनगर बाराबंकी, जया अलोक मिश्रा बाँदा चित्रकूट ने सहभागिता कर आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने समस्त कवियों को विविध मूर्खतापूर्ण उपाधियों से विभूषित किया। संचालन रामकुमार रसिक एवं डा. ज्योति कृष्ण पुणे ने किया। बड़ी संख्या में रसिकों ने इस आनलाईन महामूर्ख कविसम्मेलन का आनंद उठाया एवं लाईक कमेंट किया।





