Wednesday, January 21, 2026
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शहर को स्वच्छ रखने वाली नगर परिषद में ही दुर्गंधी का आलम


– काम करने को कर्मचारी मजबूर
– अनेक वर्षो से सेफ्टी टैंक बदहाल

मिदुप श्रीवास्तव
गोंदिया : शहर के गरजू नागरिकों को घरकुल योजना व अपने घर में शौचालय का निर्माण कराने के लिए नगर परिषद द्वारा अनुदान दिया जाता है. लेकिन यही नगर परिषद स्वयं अपने खुद के शौचालय के लिए अनुदान जुटाने में विफल होते नजर आ रही है. नप परिसर में स्थित शौचालय के बाजू में बना सेफ्टी टैंक जीर्ण होने की वजह से उससे गंदी दुर्गंध आ रही है. शौचालय परिसर से आना जाना करने वाले कर्मचारी – अधिकारियों को मजबूरन दुर्गंध सहन करना पडता है. उल्लेखनीय है कि, यह स्थिती पिछले अनेक वर्षे ‘जस की तस’ ही दिखाई दे रही है. जिससे की नप कर्मचारी व नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
संपूर्ण शहर को स्वच्छ रखने के जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होती है. लेकिन शहर के अनेक स्थानो में अस्वच्छता दिखाई देती है. इसी प्रकार अनेक इलाकों के गड्ढों में बारिश का पानी, बंद पडी नालियों का गंदा पानी सडको में बहते दिखाई देता है. इससे यह पता चलता है कि, नगर परिषद प्रशासन स्वच्छता को लेकर कितना गंभीर है.

नगर परिषद प्रशासन शहरवासियों को शौचालय का निर्माण कार्य करने के लिए अनुदान वितरीत करती है. इसका लाभ हजारों नागरिकों ने लिया है. लेकिन नगर परिषद प्रशासन ही अच्छे शौचालय का निर्माण करने में असफल दिखाई दे रही है. यह बात नगर परिषद परिसर का दौरा करणे पर नजर में आई. गोंदिया नप परिसर में स्थित शौचालय के पास एक सेप्टी टैंक बना हुआ है, जो कि बदहाल स्थिति में है. यह टैंक कुछ जगह से टूट फूट जाने तथा जीर्ण होने की वजह से इसमें से बहुत ही गंदी बदबू आती है. जिसकी वजह से नगर परिषद में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी तथा अपने निजी काम के लिए आए नागरिकों को इस परिसर के गुजरते समय दुर्गंध का सामना करना पड रहा है. जिससे नप कर्मचारी व काम के लिए आए नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में पडने की आशंका है. इसलिए अनुदान बाटनेवाले ही अनुदान की प्रतीक्षा करते दिखाई दे रहे हैं. नप मुख्याधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द ही सेफ्टी टैंक का निर्माण या इसकी मरम्मत करवाते है या नही यह सवाल उपस्थित हो रहा है.

मुख्याधिकारी भी नहीं है अनभिज्ञ
कुछ दिनों पहले ही नगर परिषद स्थित शौचालय परिसर के सेफ्टी टैंक के पास से नप के मुख्याधिकारी बोरकर को गुजरते समय उन्हें गंदी बदबू का आभास हुआ. तो उन्होने एक कर्मचारी से इस बारे में पूछा, इसी दौरान एक सामाजिक कार्यकर्ता ने CO साहब को इस समस्या को हल करने का भी आग्रह किया. जिस पर मुख्याधिकारी ने जल्द ही इस समस्या का समाधान करने की बात कही. अब देखने की बात है की, मुख्याधिकारी साहब इस परिसर को स्वच्छ व सुंदर तथा बदबू मुक्त करने के लिए क्या करेंगे?

सिढीयों के निचे महिनों पड़ा है कुड़ा

नगर परिषद हमेशा से ही स्वच्छता के मामले में पिछडता दिखाई दे रहा है. नप परिसर के संगणक विभाग के सामने वाली सीडीयों के निचले भाग में अनेक महिनों से कचरा पडा हुआ है. अफसोस की बात है की, इसी परिसर में शिक्षा विभाग, नागरी सुविधा केंद्र, इलेक्ट्रिक विभाग, जन्म-मृत्यू नोंदणी कार्यालय है. इन विभागो में काम करनेवाले अधिकारी व कर्मचारी किसी का भी ध्यान इन सिढीयों के निचे जमा कचरे पर नहीं जा रहा, यह दुर्भाग्य पूर्ण ही है.

कर्मचारी-अधिकारियों को लेना-देना नहीं 
नगर परिषद के संगणक विभाग परिसर में एक शौचालय है, जिसका उपयोग नहीं किया जाता. इस शौचालय की हालत बहुत ही गंदी होने की वजह से थोडी देर भी नहीं रुका जा सकता. जब इसका उपयोग ही नहीं किया जा रहा तो दरवाजा बंद कर देना चाहिये. लेकिन किसी को भी कुछ लेना-देना नहीं है. आखिर नप प्रशासन स्वच्छता की ओर क्यों ध्यान नहीं दे पा रही, वह भी अपने ही कार्यालय परिसर में, यह समझ के परे है. नप के कर्मचारी व अधिकारियों पर किसी का भी अंकुश नहीं होने की वजह से परिसर के अनेक स्थानों पर गंदगी दिखाई दे रही है.

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