सालेकसा, (गोंदिया) : तहसील में लगातार हो रही बारिश के कारण कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसी ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सालेकसा तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सातगांव के अंतर्गत आने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर भजेपार की स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय तत्परता दिखाते हुए एक गर्भवती महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में सफलता हासिल की। स्वास्थ्य विभाग के इस उत्कृष्ट कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सालेकसा तहसील के भजेपार एवं आसपास के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो जाने से संपर्क बाधित हो गया था। इसी दौरान गांव की एक गर्भवती महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना आवश्यक था। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने बिना किसी देरी के तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सातगांव के अंतर्गत आने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर भजेपार की मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) डॉ. दिनेश कटरे, स्वास्थ्य सेविका कु. विद्या बहेकार तथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती विनूताई खांडवाये ने बाढ़ की कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सीधे प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश किया। टीम ने अत्यंत सावधानीपूर्वक गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और आगे के उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
‘मेरा गांव, स्वस्थ गांव’ संकल्पना को किया साकार…
हर नागरिक तक, विशेषकर दूरस्थ एवं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भी सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना माननीय स्वास्थ्य मंत्री का सपना है। उनकी ‘सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा’ और ‘मेरा गांव, स्वस्थ गांव’ की संकल्पना को भजेपार के स्वास्थ्य दल ने अपने कार्यों के माध्यम से साकार कर दिखाया है।
क्षेत्रभर में हो रही सराहना…
प्रतिकूल मौसम और बाढ़ के खतरे के बावजूद भजेपार आरोग्य मंदिर की टीम ने जिस साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह अनुकरणीय है। समय पर मिली इस सहायता से गर्भवती महिला और उसके परिजनों ने स्वास्थ्य टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। वहीं, पूरे सालेकसा तहसील में स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की जमकर प्रशंसा हो रही है।
“बाढ़ के कारण संपर्क पूरी तरह बाधित था, लेकिन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार के मार्गदर्शन में हमारे लिए मां और शिशु की जान बचाना सबसे बड़ा कर्तव्य था। समय पर हम उनके पास पहुंच सके, यही हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।”
— डॉ. दिनेश कटरे, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)



