Tuesday, September 15, 2026
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भवभूति महाविद्यालय में ‘वन्यजीव संरक्षण सप्ताह’ का समापन

आमगांव, (गोंदिया) : भवभूति शिक्षण संस्था द्वारा संचालित भवभूति महाविद्यालय, आमगांव में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर शुक्रवार, 10 अक्टूबर को महाविद्यालय के प्रकृति मंडल तथा ग्रीन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान और वन्यजीव छायाचित्र (जीपीएस मैप फोटो) प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रल्हाद रहांगडाले के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. के. रहांगडाले ने की। कार्यक्रम के दौरान व्याख्यान सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. टी. एम. नागरिकर उपस्थित थे, जबकि वन्यजीव छायाचित्र प्रदर्शनी कार्यक्रम में रवींद्र विद्यालय, चोपा में कार्यरत विज्ञान शिक्षक तथा सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री मुरलीधर करंडे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रकृति मंडल और ग्रीन क्लब के प्रभारी प्रा. ओ. आय. ठाकुर ने कार्यक्रम का प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए इस आयोजन का उद्देश्य और महत्व स्पष्ट किया। प्राणीशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. एम. बी. वराडे ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न योजनाओं जैसे – बाघ परियोजना, सिंह परियोजना, हाथी परियोजना, एक सींग वाला गैंडा परियोजना आदि का विस्तृत उल्लेख करते हुए जैवविविधता के महत्व को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। मुख्य अतिथि डॉ. नागरिकर ने वृक्षों के मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से वृक्षारोपण करने और पर्यावरण की रक्षा करने का आह्वान किया। अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य डॉ. पी. के. रहांगडाले ने मानव विकास के इतिहास और मानव अतिरेक के कारण पर्यावरण को हो रहे नुकसान की चर्चा करते हुए अथर्ववेद, मार्कंडेय पुराण, महाभारत और गीता से संस्कृत श्लोकों का पाठ किया और उनका हिंदी में अर्थ समझाते हुए पर्यावरण, वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व को श्रोताओं के समक्ष प्रमाण सहित प्रस्तुत किया। ‘वन्यजीव संरक्षण सप्ताह’ के समापन के उपलक्ष्य में आयोजित वन्यजीव फोटोग्राफी प्रतियोगिता में कुल 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के मूल्यांकन हेतु वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. मुनदीप आवले तथा गणित विभाग प्रमुख प्रा. नितीन ढांगे ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन प्रा. जयंत नाकाडे ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. एम. बी. वराडे ने माना। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रा. नितेश मेश्राम, संघशीला मेश्राम, श्रेया बोपचे, पराग फुंडे आदि का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर लाभ प्राप्त किया।

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