किसानों और आम नागरिकों में खुशी की लहर, जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों ने किया आभार व्यक्त
गोंदिया : तिरोड़ा-गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय रहांगडाले के विशेष प्रयासों से संग्रामपुर जलाशय के नवीनीकरण, पंप गृह, ऊर्ध्वनलिका (राइजिंग मेन) तथा नहरों के आधुनिकीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों में भारी उत्साह का माहौल है। इस उपलब्धि पर पप्पू अटरे (पूर्व सभापति, पंचायत समिति), सुरेश पटले (पूर्व सरपंच), गौरीशंकर बिसेन (सरपंच), धनंजय रिणायत (पूर्व उपसरपंच), पत्रकार राजेशकुमार तायवाडे तथा पत्रकार आरिफ़भाई पठान ने विधायक विजय रहांगडाले का पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया और क्षेत्र के विकास के लिए उन्हें बधाई दी।
जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर जलाशय का निर्माण वर्ष 1967 में हुआ था। वर्तमान में इसका संचालन एवं रखरखाव जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गोंदिया सिंचाई विभाग द्वारा किया जाता है। वर्षों से नहरों में गाद जमा होने, निरीक्षण मार्ग क्षतिग्रस्त होने तथा जलसेतु जर्जर होने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कई स्थानों पर नहरों के टूटने से पानी की बर्बादी भी हो रही थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए परियोजना के व्यापक नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया। परियोजना के तहत मुख्य नहर, लघु नहरों, वितरण प्रणाली, पंप गृह, ऊर्ध्वनलिका और वितरण कुंड का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। साथ ही नहरों का कंक्रीट अस्तरीकरण भी किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था अधिक मजबूत और प्रभावी बनेगी। इस परियोजना का सीधा लाभ बरबसपुरा, धामनेवाड़ा, एकोडी, दांडेगांव, रामपुरी, बेर्डीपार, सेजगांव, सहेसपुर, नहरटोला और सोनेगांव सहित तिरोड़ा एवं गोंदिया तहसील के अनेक गांवों को मिलेगा। वर्तमान में परियोजना का सिंचाई क्षेत्र 712 हेक्टेयर है, जिसे धापेवाड़ा लिफ्ट सिंचाई योजना (चरण-2) के माध्यम से बढ़ाकर 1,442 हेक्टेयर तक किया जाएगा। इसके लिए बोदलकसा जलाशय से पानी ऊर्ध्वनलिका के माध्यम से संग्रामपुर मुख्य नहर तक पहुंचाया जाएगा।
परियोजना के लिए आवश्यक 0.51 हेक्टेयर वन भूमि को भी वन विभाग द्वारा 27 मार्च 2026 को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। यह कार्य वर्ष 2026-27 की स्वीकृत योजना में शामिल है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण एवं तकनीकी प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल संसाधन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹60 करोड़ की निधि स्वीकृत कर दी है। स्थानीय नागरिकों और किसानों ने विश्वास जताया है कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद सिंचाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।





