Monday, August 24, 2026
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एरियर्स बिल निकालने 7 हजार की रिश्वत; स्वास्थ्य सेवक रंगेहाथ गिरफ्तार, वरिष्ठ लिपिक भी हिरासत में

गोंदिया : नक्षल प्रोत्साहन भत्ता के एरियर्स बिल निकालने के नाम पर 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले जिला हिवताप कार्यालय के स्वास्थ्य सेवक को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) गोंदिया की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में रिश्वत स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करने वाले कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू है।
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता जिला हिवताप विभाग में स्वास्थ्य सेवक के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2016 में नियमित रूप से सेवानिवृत्त हुए थे। फरवरी 2026 में उनका निधन हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता अपनी मां के पारिवारिक पेंशन संबंधी जानकारी लेने मार्च 2026 में जिला हिवताप कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार नरेश अग्रवाल (40) ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनके पिता के नक्षल प्रोत्साहन भत्ते का एरियर्स बिल भी बकाया है और उसे निकलवाने के लिए 6 हजार रुपए देने होंगे। जून 2026 में शिकायतकर्ता बिल के संबंध में दोबारा कार्यालय पहुंचे तो आरोपी अग्रवाल ने उन्हें कार्यालय में कार्यरत स्वास्थ्य सेवक मारुती यादव दिपेवाड (39) से मिलने को कहा। शिकायतकर्ता ने जब दिपेवाड से संपर्क किया तो उसने भी एरियर्स बिल निकालने के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। 21 अगस्त को शिकायतकर्ता ने आरोपी से फिर बिल के संबंध में पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने 7 हजार रुपए की रिश्वत की मांग दोहराई। रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 24 अगस्त को एसीबी गोंदिया में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि के लिए एसीबी ने पंचों और वॉयस रिकॉर्डर के साथ शिकायतकर्ता को आरोपियों के कार्यालय में भेजा। इस दौरान स्वास्थ्य सेवक मारुती दिपेवाड ने नक्षल प्रोत्साहन भत्ता एरियर्स बिल का काम करने के लिए 7 हजार रुपए की मांग की और रकम स्वीकार करने की तैयारी दर्शाई। वहीं वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार अग्रवाल ने दिपेवाड को रिश्वत स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद एसीबी ने 24 अगस्त को जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम और वॉयस रिकॉर्डर के साथ जिला हिवताप कार्यालय भेजा गया। वहां मारुती यादव दिपेवाड ने 7 हजार रुपए की रिश्वत स्वीकार कर ली, जिसके बाद एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। उसी समय कार्यालय में मौजूद वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार अग्रवाल को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।

इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई…
यह कार्रवाई पोलीस निरीक्षक अरविंद राऊत, लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग, गोंदिया के नेतृत्व में की गई। पर्यवेक्षण अधिकारी पोलीस उपअधीक्षक निलेश लोधी थे। टीम में पोलीस निरीक्षक उमाकांत उगले, एएसआई करपे, हेड कांस्टेबल बोहरे, हेड कांस्टेबल कहालकर, एनपीसी शेंडे, एनपीसी बोपचे, एनपीसी कापसे, एनपीसी काटकर, एनपीसी सोनवणे, एनपीसी बाटबर्वे, एलएनपीसी पटले तथा एलएनपीसी डांगे शामिल रहे। कार्रवाई को पोलीस अधीक्षक, लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग नागपूर श्री. दिंगबर प्रधान, अपर पोलीस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर तथा अपर पोलीस अधीक्षक विजय माहुलकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

एसीबी की नागरिकों से अपील..
लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी लोकसेवक सरकारी काम कराने के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत तत्काल एसीबी से करें।
एसीबी गोंदिया संपर्क : 07182-251203 / 9209041064
ई-मेल : acbgondia@gmail.com

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