कला और भक्ति का अनूठा संगम
गोंदिया : गणेशोत्सव के अवसर पर शहर भर में श्री गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। इसी बीच गोंदिया शहर के श्रीनगर निवासी 17 वर्षीय दृष्टि सुनील रोकड़े ने अपनी कला और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हुए करीब डेढ़ माह की मेहनत से अपने हाथों से भगवान श्री गणेश की सुंदर प्रतिमा तैयार की। दृष्टि ने प्रतिमा निर्माण के साथ ही घर में आकर्षक सजावट कर विधिवत गणपति बप्पा की स्थापना की।
दृष्टि ने बताया कि, भगवान श्री गणेश के प्रति आस्था और स्वयं कुछ रचनात्मक करने की इच्छा से उसने इस प्रतिमा को अपने हाथों से बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए उसने करीब डेढ़ महीने तक लगातार मेहनत की। प्रतिमा तैयार करने के दौरान छोटी-छोटी बारीकियों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे गणेश प्रतिमा आकर्षक और मनमोहक स्वरूप में तैयार हुई। गणपति स्थापना के लिए दृष्टि ने अपनी बड़ी बहनों आंचल, रितिका एवं टीना की मदद से घर में ही माँ अंबा भवानी की कलाकृति बनाकर सुंदर सजावट की। सजावट में रचनात्मक तत्वों का समावेश किया गया है। गणेश प्रतिमा को आकर्षक तरीके से सजाकर परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में विधिविधान से पूजा अर्चना कर स्थापना की गई।
कला के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश…
दृष्टि की इस पहल से परिवार के साथ आसपास के लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। इतनी कम उम्र में स्वयं गणेश प्रतिमा तैयार करने के उसके प्रयास की सराहना की जा रही है। दृष्टि का कहना है कि बच्चों और युवाओं को त्योहारों के दौरान अपनी कला एवं रचनात्मकता को सामने लाना चाहिए। इससे त्योहार की खुशी के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर भी मिलता है।





