Monday, April 20, 2026
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महाराष्ट्र में सबसे पहले गोंदिया तहसील के 650 लाभार्थियों को वितरित हुई 1300 ब्रास रेत की रॉयल्टी पास

आम जनता को राहत, प्रक्रिया में सुधार और प्रशासनिक कुशलता का बेहतरीन उदाहरण
गोंदिया : गोंदिया तहसील में जनप्रतिनिधि और प्रशासन की सक्रियता और जनहित की सोच से मात्र एक महीने पहले राज्य सरकार की ओर से जारी घरकुल लाभार्थियों को 5 ब्रास मुफ्त रेत के GR और एक सप्ताह पूर्व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद भी पूरे महाराष्ट्र में सबसे पहले और सबसे तेजी से इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू कर दिखाया गया है. जिसके तहत प्राथमिकता के आधार पर गोंदिया तहसील के 650 लाभार्थियों को प्रथम चरण में 2 ब्रास रेत प्रति लाभार्थी के हिसाब से 1300 ब्रास रेत के पास पंचायत समिती सभागृह में विधायक विनोद अग्रवाल, जिलाधिकारी प्रजित नायर, जिप मुकाअ मुरुंगनाथम आदी के हस्ते वितरित किए गए.
इस पहल पर विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा, हमारा प्रयास है कि आम जनता को निर्माण कार्यों के लिए सस्ती और वैध रेत उपलब्ध हो. कोई भी नागरिक सिर्फ इसलिए घर बनाने से वंचित न रह जाए कि वह ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं समझता. उनके अनुसार, आने वाले समय में इस प्रणाली को और भी सरल बनाया जाएगा और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना देरी के पहुंचेगा. विधायक अग्रवाल की जनसेवा की नई मिसाल – योजनाएं सिर्फ कागज़ पर नहीं, जमीन पर उतार कर दिखा दी. इस पहल से न केवल घरकुल निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि रेत माफियाओं पर भी लगाम लगेगी. पंचायत समिति सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आमदार विनोद अग्रवाल, जिलाधिकारी प्रजीत नायर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मुरुंगनाथम, पंचायत समिति सभापति मुनेश रहांगडाले, तहसीलदार शमशेर पठान, खंडविकास अधिकारी पिंगळे, अपर तहसीलदार श्रीकांत कांबले, तालुका कृषि अधिकारी नेहा आढव, पंचायत समिति सदस्य विद्याकला पटले, शंकर टेम्भरे, राजेश जमरे, छत्रपाल तुरकर, तेढवा सरपंच कौशल तुरकर, गृहनिर्माण विभाग प्रमुख सूर्या पाचे, APO, बिसेन उपस्थित थे.

सरल हुई प्रक्रिया…
रेत की रॉयल्टी पास प्राप्त करने की पहले ऑनलाइन प्रक्रिया बहुत ही जटिल और आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन गई थी. सैकड़ों आवेदन लंबित थे और लोग महीनों तक रेत के लिए भटक रहे थे. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक विनोद अग्रवाल ने महुसल मंत्री श्री चंद्रकांत बावनकुलेजी और वित्त व नियोजन राज्यमंत्री श्री आशीष जायसवाल से संवाद कर प्रक्रिया को सरल कर ऑफलाइन रॉयल्टी पास देने का निर्णय हुआ.

तीन दिन में 16,000 ऑफलाइन परवाने कराए उपलब्ध…
विधायक विनोद अग्रवाल के प्रयासों से महज तीन दिनों के भीतर प्रशासन के पास 16,000 ऑफलाइन परवाने प्राप्त हुए, जिसमें से प्राथमिकता के आधार पर 650 लाभार्थियों को प्रथम चरण में 2 ब्रास रेत प्रति लाभार्थी के हिसाब से 1300 ब्रास रेत के पास वितरित किए गए. कुल मिलाकर एक लाभार्थी को 5 ब्रास रेत मिलनी है – जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

12 हजार से अधिक लाभार्थियों को होगा फायदा…
यह योजना सिर्फ 650 लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि कुल 12,000 पात्र लाभार्थियों को इससे लाभ मिलेगा. यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन नागरिकों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आई है, जो वर्षों से सस्ती दरों पर रेत के लिए सरकारी योजना की राह देख रहे थे.

आरक्षित डिपो– पारदर्शिता व सुविधाजनक वितरण…
जनहित को ध्यान में रखते हुए तीन डिपो – किन्हीं, महलगांव और सतोना – को विशेष रूप से आरक्षित किया गया है. इन डिपो से नागरिक स्वयं अपने वाहनों से निर्धारित मात्रा में रेत ले जा सकते हैं. जो उन्हें प्रशासन द्वारा उनके लाए वाहनों में भरकर दी जाएगी इससे वितरण व्यवस्था पारदर्शी, तीव्र और भ्रष्टाचार-मुक्त बनी है.

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